टीचर की कमी से 50 बच्चे छोड़ चुके हैं स्कूल

भरमौर (चंबा)। मिडल स्कूल तूर में अध्यापकों की कमी से स्थानीय बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तूर स्कूल में पिछले तीन साल से एक ही अध्यापक तैनात है और उसी के सहारे यह स्कूल चल रहा है। इस स्कूल में मौजूदा समय में लगभग 37 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अध्यापकों की कमी के कारण कई बच्चों को अपनी पढ़ाई छोड़कर घर पर बैठना पड़ रहा है। साथ ही कुछ छात्र इस स्कूल को छोड़कर अन्य स्कूल में दाखिला लेने को मजबूर हो गए हैं। अभिभावकों जय राम, पुन्नू राम, अमरो देवी, सुरेश कुमार, तिलक राज, जगदीश चंद और देशराज का कहना है कि मिडल स्कूल तूर में तीन साल पहले लगभग 80 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। अध्यापकों की कर्मी के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को तूर स्कूल से निकालकर अन्य स्कूलों में दाखिला करवाना शुरू कर दिया। इसी कारण मौजूदा समय में तूर स्कूल में बच्चों की संख्या 80 से घटकर 37 रह गई है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही इस स्कूल में अध्यापकों की तैनाती नहीं की गई तो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि एक अध्यापक बच्चों का भविष्य बनाने में सार्थक नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इस समस्या को लेकर कई बार विभाग व सरकार को अवगत करवा चुके हैं, परंतु आज तक किसी भी नए अध्यापक की तैनाती इस स्कूल में नहीं हो पाई है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द तूर स्कूल में नए अध्यापकों की तैनाती की जाए। इससे बच्चों का भविष्य खराब होने से बच सकेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के डिप्टी डीओ ओपी हीर ने बताया कि अध्यापकों की भर्ती चल रही है। रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे।

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